यह इस पर निर्भर करता है कि आप क्या नापते हैं और बदलाव कितनी नियमितता से निभाते हैं। नींद और एनर्जी में कई लोगों को कुछ हफ़्तों में फ़र्क महसूस होने लगता है। ब्लड टेस्ट के नंबर धीरे बदलते हैं।
जैसे HbA1c पिछले लगभग तीन महीनों की ब्लड शुगर दिखाता है, इसलिए दोबारा जाँच आमतौर पर उतने अंतर के बाद होती है। कोलेस्ट्रॉल, लिवर और थायरॉइड की जाँच भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार कुछ महीनों बाद दोहराई जाती है।
दो हफ़्ते चलनेवाली सख़्त योजना से बेहतर वे छोटे बदलाव हैं जिन्हें आप निभा सकें। अगर कुछ महीने नियमित रहने पर भी कोई नंबर नहीं हिला, तो हार मानने की जगह डॉक्टर से बात कीजिए।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। यह आपके डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं लेता।